भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार
Roman

इन्द्रधनुष / रमेश तैलंग

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

सात रंग की चुन्नियाँ।
लेकर आईं बदलियाँ।
उन्हें धूप में लहराया।
इन्द्रधनुष एक दिखलाया।

देख उसे मन हर्षाया।
बच्चा-बच्चा चिल्लाया।
देखो, इन्द्रधनुष आया।
देखो, इन्द्रधनुष आया।