भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

इन रघुनंदन धनुष उठाये / बुन्देली

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

इन रघुनंदन धनुष उठाये।
धनुष उठाये बारी सिया को ब्याय लाये।
माथे सेहरो बाँधों राजा बनरे सो कलियन बीच बारी सिया ब्याय लाये।
सो इन...
चंदन खौर काढ़ौ बारे बनरे सो टिपकिन बीच
वारी सिया ब्याय लाये सो इन...
कानन कुण्डल पहनों बारे बनरे सो मोतिन बिच
बारी सिया कौ ब्याय लाये इन रघुनन्दन...
मुख भर बिरिया चावौ बारे बनरे सो लाली बिच
वारी सिया ब्याय लाये इन रघुनंदन...
हाथन कंकन बाँधो राजा बनरे सो गजरन बिच
वारी सिया ब्याय लाये इन...
चरनन माहुर लगाऔ बारे बनरे सो लाली बिच
वारी सिया ब्याय लाये इन...
इन रघुनंदन धनुष उठाये धनुष उठाये
वारी सिया कौं ब्याय लाये।