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उषा उपाध्याय / परिचय

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नाम : डॉ. उषा उपाध्याय
जन्मतिथि : 7-6-1956
जन्मस्थान  : भावनगर
प्रकाशित पुस्तक  :
1. ईक्षित (समीक्षा)सन 1991
2. अधीत -15 (संकलन) सन 1992
3. अधीत -16 (संकलन)सन 1993
4. अधीत -17 (संकलन)सन 1994
5. अधीत -18 (संकलन) सन 1995
6. अधीत -19 (संकलन) सन 1996
7. जाह्नवी स्मृति-2 (संकलन) सन 1996
8. जाह्नवी स्मृति-३ (संकलन) सन 1997
9. साहित्यसंनिधि (समीक्षा) सन 1998
10. जळबिल्लोरी (काव्य) सन 1999
11. ऐक हती रुपा (बालकहानी संचय) सन 1999
12. गुजराती कविताचयन 1999 (संकलन) सन 2000
13. मस्तीखोर मनियो (बालनाट्यसंचय) सन 1999
14. आलोकपर्व (समीक्षा) सन 2005
15.गुजराती साहित्यनो ज्ञानसंवाद (संकलन) सन 2005
16. अरुंधतीनो तारो (काव्यसंचय) सन 2006
17 गुजराती लेखिकाओं की प्रतिनिधि कहानियाँ सन 2006
18. गुजराती लेखिकाओं के प्रतिनिधि निबंध सन 2006
19. गुजराती लेखिकाओं के प्रतिनिधि आत्मकथ्य सन 2006
20. सर्जनप्रक्रिया एवं नारीचेतना (कैफियत) सन 2006
21. राधाकृष्ण विना बीजुं बोल मा (संकलन) सन 2007
   (मध्यकालीन गुजराती कवियित्रीओं के काव्य)
22. शून्यतामां पूरेला दरियानो तरखाट (संकलन) सन 2007
    (अर्वाचीन गुजराती कवयित्रीओं के काव्य)
23. सांप्रत गुजराती साहित्य (समीक्षा) सन 2008
24. गुजराती संशोधन-संपादन (समीक्षा) सन 2009
25. अक्षरने अजवाळे (समीक्षा) सन 2009

हिन्दी के लिए योगदानः

(अ) अनुवाद कार्य
        
         गुजराती से हिन्दी मे :
1. कविवर राजेन्द्र शाह और उनकी कविता – 2003 (सहअनुवाद)
2. गुजराती कवयित्रीओं के काव्य (प्रकाश्य)
हिन्दी से गुजराती :
3. वादळी सरोवर- मूल लेखक : कमलेश्र्वर - 1999
नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया द्वारा प्रकाशित
4. नागमंडल-मूल लेखक- गिरिश कर्नाड (प्रकाश्य)


(ब) परिसंवाद – कार्यशाला  :

1. गुजराती कहानियों के हिन्दी अनुवाद के लिए ‘अनुवाद कार्यशाला ’
ता. 16-09-05 से ता. 18-09-05
सहयोगी संस्था : गुजरात साहित्य अकादमी
2.‘अनुवाद कला ’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
ता.19-09-05 से ता.21-09-05
सहयोगी संस्था : पश्र्चिम क्षेत्रीय भाषाकेन्द्र, पुणे
मानव संसाधन विकास मंत्रालय,
भारत सरकार
3. ‘भारतीय भाषाओं में लोकसाहित्य की विकासधारा ’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
ता. २०/९/०५ से ता. २२/९/०६
सहयोगी संस्था : केन्द्रिय हिन्दी निदेशालय, नई दिल्ली ।

अन्य सिध्दियाँ :

1.गुजरात की मोढ़ चातुर्वेदी ब्राह्मण ज्ञाति में पीएच.डी. पदवी प्राप्त करनेवाली प्रथम महिला
2. ‘गुजराती अध्यापक संघ’ में प्रथम महिला मंत्री
3. ‘गुजराती लेखक मंडल’ में प्रथम महिला उपप्रमुख
4. द्वारिका के विश्र्वविख्यात मंदिर में कृष्णजन्मोत्सव के आकाशवाणी लाईव ब्रोडकास्ट में प्रथम महिला उदघोषक
5. महात्मा गांधी द्वारा प्रस्थापित गूजरात विद्यापीठ अहमदाबाद के महादेव देसाई समाजसेवा महाविद्यालय में प्रथम महिला आचार्य (भूतपूर्व)
6. भूतपूर्व नियामक – सार्थ गुजराती जोडणीकोश कार्यालय, गूजरात विद्यापीठ, अहमदाबाद
7. संयोजक – Ciil मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्रेरित 21 दिवसीय रीफ्रेशर कोर्स, 1999
8. संयोजक – यु.जी.सी. प्रेरित 21 दिवसीय रीफ्रेशर कोर्स
9. संयोजक – Ciil मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्रेरित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी - ‘भारतीय काव्यशाश्त्र ’ 2003
10. संयोजक – यु.जी.सी. प्रेरित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘तुलनात्मक साहित्य’ 2004
11. संयोजक – पश्र्विम क्षेत्रिय भाषाकेन्द्र, पुणे, मानव संसाघन, विकास मंत्रालय,भारत सरकार प्रेरित तीन दिवसीय अनुवाद कार्यशाला ‘मराठी और गुजराती के ज्ञानपीठ पुरस्कृत सर्जक की कृतियाँ ’2007
12. संयोजक – यु.जी.सी. प्रेरित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘तुलनात्मक साहित्य’2008
13. संयोजक – गुजरात साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित दो दिवसीय गुजराती लेखिका संमेलन -1994
14. आकाशवाणी के राजकोट केन्द्र द्वारा आयोजित गुजरात व्याप्त ‘कवि संमेलन श्रृंखला ’ में निमंत्रित -1996
15. साहित्य अकादमी – दिल्ली एवं नेशनल बुक ट्रस्ट, इंदिया द्वारा ‘विश्व पुस्तक मेला ’ के अवसर पर आयोजित राष्ट्रिय कवयित्री संमेलन में निमंत्रित -1997
16. साहित्य अकादमी – दिल्ली के ‘ मुलाकात ’ कार्यक्रम में विशेष साहित्यकार के रूप में निमंत्रित -2001
17. गुजरात की 100 साल पुरानी और सुप्रतिष्ठित, सर्वमान्य साहित्यिक संस्था ‘गुजराती साहित्य परिषद ’ में चार वर्ष सचिव 1998 से 2001
18. साहित्यिक संस्था ‘साहित्य कला संगम ’ भावनगर में मानद् नियामक ।
19. गुजरात साहित्य अकादमी में नियुक्त सभ्य ।
20. सौराष्ट्र युनिवर्सिटी, भावनगर युनिवर्सिटी, एम. एस. युनिवर्सिटी.वीर नर्मद दक्षिण गुजरात युनिवर्सिटी, सोमनाथ संस्कृत युनिवर्सिटी, कच्छ युनिवर्सिटी एवं एस.एन.डी.टी.युनिवर्सिटी, मुंबई गुजरात में गुजराती विषय की अभ्यासक्रम समिति की सेवानिवृत सदस्य ।
21. पीएच०डी० एवं एम०फिल डिग्री के 25 छात्रों को मार्गदर्शन दिया ।
22. भारत के विविध राज्यों में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठीयों में तजज्ञ के रुप में निमंत्रित ।
23. दूरदर्शन अवं आकाशवाणी के कई कार्यक्रमों में निमंत्रित ।
 

प्राप्त पुरस्कार / सम्मान :

१. सौहार्द्र सम्मान – उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ
२. भगिनी निवेदिता पुरस्कार
३. बटुभाई उमरवाडिया पुरस्कार

जीवनी : डॉ. उषा उपाध्याय गुजरात की सुप्रसिद्ध कवियत्री, कहानीकार, अनुवादक, संशोधक एवं आलोचक हैं । अब तक उनकी 30 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं और पाँच किताबें अभी प्रेस में हैं | उन्हें एकांकी-संचय ‘मस्तीखोर मनियो’ के लिए गुजराती साहित्य परिषद का बटुभाई उमरवाडिया पुरस्कार एवं कविता-संचय ‘अरुंधतीनो तारो’ के लिए भगिनी निवेदिता पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उनकी कविताएँ 'अर्थघनता' सांस्कृतिक-संदर्भ, प्रतीक-कल्पन एवं रमणीय पदावली के कारण गणमान्य आलोचकों द्वारा सराही गई है। साम्प्रदायिक दंगों पर लिखी गई उनकी ‘मेश’ कविता, कच्छ के भूकंप पर लिखी गई ‘ऊँट’ कविता, वर्षा पर लिखा गीत ‘नभ...’ एवं नारी-समस्या पर लिखी कविताएँ 'तीन पडोसी' तथा 'पिकदानी' को व्यापक स्वीकृति मिली है । उनकी कहानी 'हुँ तो आ चाली' गुजरात में बहुचर्चित और अत्यंत सराहनीय रही है । गुजराती कहानी के करीब सभी संकलनों में उस कहानी को स्थान मिला है ।

गुजराती महिला-लेखन के संशोधन-संपादन में डॉ० उषा उपाध्याय का ऐतिहासिक योगदान माना जाता है । उन्होंने 'महिला-सप्तक सीरीज़' का संपादन करके एक नया इतिहास रचा है । इस सीरीज़ की अब तक चार किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं । गुजराती भाषा में इस प्रकार की यह प्रथम सीरीज़ है । गुजराती महिला-लेखन के संशोधन-संपादन में उनका दूसरा महत्त्वपूर्ण योगदान है-- मीरा से लेकर आज तक की पाँच सौ साल की समायवधि में हुई गुजराती कवयित्रियों की कविता का संशोधन-संपादन । गुजरात साहित्य अकादमी ने 'राधाकृष्ण विना बीजूं बोल मा' तथा 'शून्यतामां पूरेला दरियानो तरखाट' शीर्षक से
दो खंडों में यह संकलन प्रकाशित किया है । गुजराती भाषा में पहली बार कवयित्रियों की ऐसी ऐन्थौलोजी प्रकाशित हुई हैं । इस समय डॉ० उषा उपाध्याय ‘गुजराती लेखिका-कोश’ तैयार कर रही हैं। गुजराती भाषा में यह काम भी पहली बार हो रहा है ।

डॉ० उषा उपाध्याय भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ‘सेन्ट्रल इन्स्टिट्यूट ऑफ इन्डियन लेंग्वेजिस’, मैसूर की G.I.A. कमेटी में नियुक्तत सदस्य तथा नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इन्डिया, नई दिल्ली की गुजराती भाषा की सलाहकार समिति की भी वह सदस्य रही हैं । गुजरात की अनेक साहित्यिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के साथ वह सक्रिय रुप से जुडी हैं । भारत के विभिन्न राज्यों में आयोजित परिसंवादों में तजज्ञ के रुप में उन्होंने सेवा दी है । आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा आयोजित कवि-सम्मेलनों में उनके काव्य-पाठ और संचालन ने उनकी एक अलग पहचान बनाई है। गुजराती और हिन्दी दोनों भाषाओं पर उनका समान अधिकार रहा है ।

आजकल डॉ० उषा उपाध्याय अहमदाबाद (गुजरात) में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा स्थापित गुजरात विद्यापीठ के गुजराती भाषा-साहित्य विभाग की अध्यक्ष एवं प्रोफ़ेसर हैं।