भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

उसके चेहरे पर / मनोज छाबड़ा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

उसके चेहरे पर
मुस्कराहट का महासागर था
उसकी
नमकीन हँसी में
शंखों से लदी नावें थीं
वहाँ मछुआरे नहीं थे
इसलिए
वह स्वतंत्र मीन-सी
फिसल-फिसल जाती थी
मेरे जीवन से