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ऊधो स्याम करे निठुराई हमसे प्रीत लगाई ना / महेन्द्र मिश्र

ऊधो स्याम करे निठुराई हमसे प्रीत लगाई ना।
प्रीत लगाई ना हो हमसे प्रीत लगाई ना।
मधुबन छोड़ भए मधुबनिया
कुबिजा रानी भई पटरनियाँ, ऊधो स्याम दिए ठुकराई
हमसे प्रीत लगाई ना।
द्विज महेन्द्र सावन के दिन मिल जा जदुराई ना।