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एकटा पत्र / कमला प्रसाद 'बेखबर'

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आदरणीय अटल जी
आपनें चाहे नाया ताजमहल
बनाय लियै ।
आरो शाहजहाँ नाँखी
वहाँ आपनोॅ खाट लगाय लियै
मतरकि, मुशर्रफ मुमताज रोॅ रोल
करै वाला नै छथ ।
प्रेम रोॅ मजार बनै वाला
नै छथ ।
कैहनें कि हुनकोॅ जनम
भारतीय इतिहास
के घृणा-युग में
आरो विकास
चालाकी में भेलोॅ छै ।
कहियै-
सेन्धा नोन रोॅ तीक्खोॅ
माँटी में-
प्रेम रोॅ गुलाब कहैं खिललोॅ छै ?
(हिन्नेॅ जरा कानोॅ में सुनियै)
हुनकरोॅ नगीच में जेहादी
नागफनी रोॅ मजगूत घेरा छै ।
हुनी बहुत-बहुत बेचारा छै ।