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एक सेकिंड सर... / हरीशचन्द्र पाण्डे

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टण्णऽ ऽ ऽ

ये कॉलबेल पर अँगूठे का दबाव है
और अँगूठेवाले की आँखें दरवाजे़ पर हैं
पर कोई नहीं आता बाहर

मई-जून की दोपहर
जब मर्द लेाग बाहर रहते हैं
अगर घर पर हैं तो अलसाये रहते हैं

टण्णऽ ऽ फिर कॉलबेल बजती है

क्या पता बड़े घर में बड़ी तबीयत के लोग न हों
इसलिए अब गेट बज उठता है भड़भड़ाकर

भीतर से सिटकनी खोल अलसाये मुँह झाँकता है कोई
और झुँझलाता है भरपूर...(ये नींद के...)

झुँझलाहट पूरी होने के पहले ही
टेप-सा बज उठता है कोई बाहर

सर... ये मेडीकेटेड मोजे़
देखिए सर, पहले ऐसे नहीं देखे होंगे आपने
रिसर्च के बाद अभी-अभी उतारे गये हैं बाज़ार में सर
सर, दुकान से लेंगे तो फ़िफ्टी के पड़ेंगे
हम थर्टी में दे रहे हैं
दो जोड़े लेने पर एक जोड़ा फ्री
यानी सिक्सटी में तीन जोड़े सर
गारंटी है सर...

नहीं... कुछ नहीं चाहिए
भीतर जाते जान छुड़ाते कहा जाता है
...पीछे मुड़कर देखना फँसना है जी

सर... सर... एक सेकिंड पर...
शर्ट-टाई
रे बैन चश्मा
जूतों में पॉलिश
और इन सबमें पड़ी धूल की कई-कई परतें
सथ मकें एक लड़की
सिर पर कैप
बग़ल में बैग

सर... सर
एक सेकिंड सर
बात तो सुनें सर...
कोई बात नहीं सर
थैंक्यू सर...

और फिर अगला गेट...
तीन पग तीन लोक से ज़्यादा

हाँ, इसी बीच पोंछ लेना है पसीना
टाई थोड़ी ढीली कर लेनी है
कैप से हवा ले लेनी है

...टण्णऽ ऽ ऽ

इस बार एक औरत निकली है झुँझलाती
इस बार मैडम-मैडम की तर्ज पर गाया गया चिरन्तन राग

आप कहाँ जाएँगी मैडम मार्केट-वार्केट
इस पैंतालिस डिग्री के भभके में
देखिये हम सब यहीं ले आये हैं

नाऽजी नहीं लेना
हर किसी से नहीं लेना
दुकान से लेंगी तो ख़राब सामान बदल भी जाएगा
आपको कहाँ-कहाँ ढूँढेंगे
ना जी नाऽ ऽ

नहीं मैडम ऐसा नहीं...
एक सेकिंड मैडम
मैडम, मैडम
पर डूब गयीं आवाजें़ गेट बन्द होने की आवाज़ में...

एक छोटे से पार्क में दो प्राणी सुस्ता रहे हैं अब
पेड़ की छाँह तले
एक कुत्ता हाँफरहा है जीभ निकाले वहाँ
उसे मालूम है ज़मीन यहाँ अपेक्षाकृत नम है

जूते खोल पैर फैला दोनों हाथों को पीछे टेक
किसी बात पर हँस पड़े हैं दोनों प्राणी
भीतर उछल पड़ी हैं अँतड़ियाँ
एक पब्लिक नल से नाराज़ हो
चल पड़े हैं दोनों ढाबे की ओर...

‘दो प्लेट समोसा’
‘छोला मिलाकर’
‘चटनी भी’

दो प्राणी टूट पड़े हैं प्लेटों पर
एक पर्त का छिलका एक दाना नहीं गिर रहा नीचे
गटागट पानी पी
फिर हल्के मज़ाक का आक्सीजन ले रहे हैं

ढीली पैंट कस कर
टाई को सेंटर कर
रे बैन पोंछ
कैप फटका कर
फिर चल पड़े हैं
कॉलबेल दबाने
गेट खटखटाने

सर! सर!
मैडम! मैडम!
एक सेकिंड सर
मैडम एक सेकिंड
सरऽ सरऽ

थैंक्यू सर...