भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

ऐं माय डो ऐ माय डो इयां बानी / कोरकू

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

ऐं माय डो ऐ माय डो इयां बानी
ऐं माय डो ऐ माय डो इयां बानी
सोना गोला डो छाले बोले
सोना गोला डो छाले बोले
ऐ बेटा जा ऐ बेटा आमा बानी
ऐ बेटा जा ऐ बेटा आमा बानी
सोना गोला भाई बटवाड़ा
सोना गोला भाई बटवाड़ा
जा ढाये बोले
जा ढाये बोले
ऐ बेटा जा ऐ बेटा बेटा आमा बानी
ऐ बेटा जा ऐ बेटा बेटा आमा बानी
सोना गोला चोज माठेन जा घाले बोले
सोना गोला चोज माठेन जा घाले बोले
बेटा आमानी जा बालको जा बेटा बोलो
बेटा आमानी जा बालको जा बेटा बोलो
ऐ माय डो ऐ माय डो माय इयां बानी
ऐ माय डो ऐ माय डो माय इयां बानी
काली ग्वाली डो घाल बोले
काली ग्वाली डो घाल बोले
ऐ बेटा जा ऐ बेटा बेटा आमा बानी केंडे ग्वाली
ऐ बेटा जा ऐ बेटा बेटा आमा बानी केंडे ग्वाली
काका बाबा डाई बटवाड़ा जा डाये बोले
काका बाबा डाई बटवाड़ा जा डाये बोले
ऐ बेटा जा ऐ बेटा बेटा आमा नीडो ना वाले को
ऐ बेटा जा ऐ बेटा बेटा आमा नीडो ना वाले को
चोफार टेमा घाले बोले
चोफार टेमा घाले बोले

स्रोत व्यक्ति - गंगू बाई, ग्राम - टेमलावाड़ी