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ओफ़-फोह / रफ़ीक शादानी

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देख के बोले हज़ारी ओफ़-फोह
एक शिकार एतने शिकारी ओफ़-फोह

चंद्रास्वामी, राव जी, सुखराम जी
देश में एतने पुजारी ओफ़-फोह

मन्दिरों-मस्ज़िद में न जूता बचे
यह क़दर चोरी-चमारी ओफ़-फोह

भाजपा बसपा में साझा भय रहा
भेड़िया बकरी में यारी ओफ़-फोह

हर परेशानी के अड्डा मोर घर
देख के बोले बुखारी ओफ़-फोह

हर महकमा घूम के देखा रफ़ीक
यह क़दर ईमानदारी ओफ़-फोह