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कन्टर में बारूद भरल छै / छन्दराज

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कन्टर में बारूद भरल छै आर बोरा में लाश छै
पुलिस गाँव सें लौट रहल छै, इहे बरामद पास छै ।
सुधिया के बेटी छै बेसुध, पागल पंडित रामचरण
पीपल भी सहमल-सहमक छै, सहमल-सहमल घास छै ।
जरलोॅ घर में धुइयाँ भरलोॅ, अंगना में अंगार छै
बज-बज-बज-बज जल उमकल छै, सगर चिरौरी बास छै ।
धरनीधर-धरनीहर दोनों ऐलै हन तारीख पर
चाँदी के जूती जेकरा छै, ओकरे जय के आस छै ।