कभी ज़िन्दग़ी को हाथ से फिसलते देखा है?
कोई वज़ह नहीं कि जी न सकें,
हाथ में रखा जाम पी न सकें।
मजबूत हाथों के होते भी,
फिसलन की वजह से
कभी प्याले को हाथ से गिरते देखा है?
कभी ज़िन्दग़ी को हाथ से फिसलते देखा है?
कभी ज़िन्दग़ी को हाथ से फिसलते देखा है?
कोई वज़ह नहीं कि जी न सकें,
हाथ में रखा जाम पी न सकें।
मजबूत हाथों के होते भी,
फिसलन की वजह से
कभी प्याले को हाथ से गिरते देखा है?
कभी ज़िन्दग़ी को हाथ से फिसलते देखा है?