भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

करम सबई हैं कारे उनके / महेश कटारे सुगम

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

करम सबई हैं कारे उनके
लग रये हैं जैकारे उनके

सबरे गुण्डा चोर लुटेरे
हैं आँखन के तारे उनके

भौत भूभरा मूतत फिर रये
सँगै रैवे वारे उनके

जित्ते चमचा बने फिरत्ते
हो गए वारे न्यारे उनके

सुगम पुलस के ऊँचे अफ़सर
बने फिरत रखवारे उनके