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क़ैद दुनिया जिस अजब जादू की है टोने की है / बिन्दु जी

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क़ैद दुनिया जिस अजब जादू की है टोने की है।
जिसमें कैदी जीव को नफ़रत नहीं होने की है॥
मोह के होते में काली कोठरी अज्ञान की।
उस अँधेरे में सारी जन्दगी खोने की है॥
शाह मुल्जिम पैर में दोनों ने पहनीं बेड़ियाँ।
फर्क इतना है कि एक लोहे की है एक सोने की है॥
काल पहरेदार ने कैसा दिखाया सख्त काम।
टोकरी कर्मों की सिर पर रत-दिन ढ़ोने की है॥
मौज के झोकों ने फेका ‘बिन्दु’ को सागर से दूर।
बस यही एक बात पछताने की है रोने की है॥