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काजर के कजरौटी, काजर भल सोभेला हे / मगही

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मगही लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

काजर[1] के कजरौटी,[2] काजर भल[3] सोभेला[4] हे।
ललना, अँजबो[5] बबुआ के आँख, बेसरिया[6]

शब्दार्थ
  1. काजल
  2. काजल पारने-रखने की डंडीदार डिबिया
  3. अच्छा, सुन्दर
  4. शोभता है
  5. आँजूँगी
  6. नाक में पहनने का आभूषण।