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का लेके अयले ननदिया, बोलाओ राजा बीरन के / मगही

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मगही लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

का[1] लेके[2] अयले[3] ननदिया, बोलाओ राजा बीरन[4] के।
पाँच के टिकवा,[5] दस के टिकुलिया,[6] लेके आयल ननदिया॥1॥
हमर बहिनियाँ बहुत किछु लयलक[7]
ओकरा[8] के पियरी पेन्हाउ,[9] बोलाबु राजा बीरन के॥2॥

शब्दार्थ
  1. क्या
  2. लेकर
  3. आई
  4. भाई
  5. मँगटीका नामक आभूषण
  6. ललाट
  7. ले आई
  8. उसको
  9. पहनाओ