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कींकर / जितेन्द्र सोनी

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मांगीड़ै रै खेत
अर नै'र बिचाळै री
कींकर नीं जाणै
ग्लोबल वार्मिंग
आतंकवाद
अर राजनीति रा खेल।
नीं पिछाणै
ओबामा
सोनिया
मुशर्रफ।
कींकर जाणै
फगत आ बात
कै जद भरयोड़ी चालै नै'र
तो पूगज्यै
मांगीड़ै री घरवाळी
खेत मांय।
अर टाबर हुळसता तोड़ै
पातड़ी।
जद घटज्यै नै'र रो पाणी
तो टळकै मांगीड़ै री आंख
अर सूखती नै'र रै सागै
खेत होज्यै उजाड़
बच ज्याऊं म्हैं अ'कलो
उडीकतो
नै'र रो पाणी!