131.
जनम कुंडली सबके राखै,
गीत, गजल आरू छंदे भाखै,
महाकवि विद्वान धुरंधर,
की सखि ‘सूरो’?
नैं, ‘अमरेन्दर’।
132.
एकलव्य रं साधक छै जे,
गीतोॅ के आराधक छै जे,
गुनी, ज्ञानी, सीधा, सुसरल,
की सखि ‘अनिल’?
नैं सखि, ‘अनल’।
133.
हीरा जहाँ अनूप कहाबै,
कोयला के अपरूप कहाबै,
खोजी ल जे जेकरा चाही,
की सखि हीरा?
नैं सखि, ‘राही’।
134.
लम्बा-चौड़ा तिलक लगाबै,
बढ़ियाँ निज वर्त्तनी बताबै,
कलमकार चर्चित चहुँ ओर,
की सखि ‘बाबा’?
नहीं, ‘चकोर’।
135.
कवि क्रीज पर मारै छक्का,
यार लेली भी यार छै पक्का,
कहै खूब जें दोहा गर्मा,
की सखि ‘विजेता’?
नैं, ‘अंजनि शर्मा’।
136.
लगै जे वर्दी में सेनानी,
कवि हृदय में कथा कहानी,
भेलै बड़ा जे लोकप्रिय,
की सखि ‘धु्रवगुप्त’?
नैं सखि, ‘जगप्रिय’।
137.
छोटोॅ कद के बड़ा आदमी,
नरम हृदय के कड़ा आदमी,
हरै अंगिका केरो तमिस्रा,
की सखि ‘बाबा’?
नैं, ‘बहादुर मिश्रा’।
138.
महाकवि सें आगू बढ़लोॅ,
रहै जे खुद आपन्हैं सें गढ़लोॅ,
मतर कवि के तेवर आला,
की सखि ‘तुलसी’?
नहीं, ‘निराला’।
139.
खिदमत जें, अंगिका के करलक,
यही में, अनगिन ग्रंथो, भरलक,
काव्य कर्म की खूब छै, आहा,
की सखि ‘सूरो’?
नैं, ‘कुशवाहा’।
140.
लिखनहार एसन छै कहींना,
पोथी छपलै हरेक महीना,
बनबै छै अंगिका के ‘लीक’
की सखि ‘चकोर?
नहीं, ‘कणीक’।