141.
कथाकार कवि आ विज्ञानी,
जना अंगिका गंग रोॅ पानी,
लाभ, जहाँ जे चाहै, ले सब,
की सखि ‘बाबा’?
नैं, ‘श्री केशव’।
142.
यारो लेली, यार हुनी छै,
पत्रकार भी, चार दुनी छै,
अंग छै बसलोॅ जिनको अंदर,
की सखि ‘अभय सिंह’?
नैं, ‘राजेन्दर’।
143.
गीत-गजल आरू लिखै कहानी,
तथापि जे छै, खुद विज्ञानी,
मिलनसार, मृदुभाषी कवि,
की सखि ‘बाबा’?
नैं, डॉ. ‘रवि’।
144.
पत्रकार जे अंगपुत्र छै,
राजधानी सें जुड़ल सूत्र छै,
कलम चलाबै होय क निर्भय,
की सखि ‘राजेन्द्र’?
नैं सखि, ‘अभय’।
145.
कागा जे संदेश उचारै,
हुनका रं के करै ल पारै,
ऊसर में जेना खिलल कमल,
की सखि ‘मंजर’?
नैं सखि, ‘विमल’।
146.
ऊसर के कुश कांट उखाड़ी,
जे साहित्य के भेलै खिलाड़ी,
गीत-गजल उपजाबै बंजर,
की सखि ‘विमल’?
नैं सखि, ‘मंजर’।
147.
गीतकार, कवि हुनी अनोखा,
सतरंगा, जैसें पनसोखा,
कोमल भाव के कलम धनी,
की सखि ‘अनल’?
नैं, ‘अश्विनी’।
148.
रेणु जुगना रूप रंग छै,
गीत में भिंजलो अंग-अंग छै,
जेना गंधयुत पवन मलय,
की सखि ‘अनल’?
नैं सखि, ‘प्रलय’।
149.
रेस, भेष, परिवेश में चर्चा,
गजलकार के, देश में चर्चा,
भाव बहर, तेवर में शुद्ध,
की सखि प्रहरी?
नैं, ‘अनिरूद्ध’।
150.
एक घुमन्तु कवि श्रेष्ठ छै,
कविताई में बड़ा बेस्ट छै,
अंगधातृ वंदना प्रणेता,
की सखि ‘अनल’?
नहीं, ‘विजेता’।