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की सखि, साजन? / भाग - 1 / दिनेश बाबा

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1.

पूजै कोटि हजारों जिनका,
मिट्ठोॅ बड़ा पियारोॅ जिनका,
विघ्न दूर करी हरै कलेश,
की सखि शंकर?
नहीं, गणेश।

2.

नहीं बटेशर काबा-काशी,
रहै जना जोगी सन्यासी,
दूत-भूत जिनको छै भयंकर,
की सखि औघड़?
नैं सखि, शंकर।

3.

जेकरोॅ सुमिरन कष्ट भगाबै,
भय सें जौनें त्राण दिलाबै,
जे भक्तोॅ में भक्त महान,
की सखि नारद?
नैं, हनुमान।

4.

सुन्दर रूप निखारै जेवर,
कुछ गहना के अलगे तेवर,
जेकरोॅ चमक सें मोहित दुनियाँ,
की सखि कंगन?
नहीं, नथुनियाँ।

5.
समय-समय पर आपन्हैं आबै,
बे कहले परभाव जमाबै,
शुरू-शुरू में लगै छै कैसन,
की सखि पहुना?
नैं सखि, फैसन।

6.

करै तहलका धूम मचाबै,
दर्शक केरोॅ दिल बहलाबै,
जना बजाज, होंडा आरू विक्टर,
की सखि बाईक?
नैं सखि, एक्टर।

7.

जीत जश्न मनै जना फगुआ,
सब खेलोॅ के खेल में अगुआ,
हारें जोश करै छै हेंठ,
की सखि हॉकी?
नैं, किरकेट।

8.

अति पुरातन जीव छेकै ई,
जीव जगत रोॅ नीव छेकै ई,
हाथ में लेथैं गिरै छै अछरी,
की सखि जोक्टी?
नैं सखि मछरी।

9.

हार से मातम जीत देवाली
जहाँ पुजाबै दुर्गा काली,
खेल प्रेम मजकि अलबत्ता,
नैं, कलकत्ता।

10.

बिन जेकरोॅ जीवन छै सूना,
खान-पान तक हुऐ कभूं ना,
मुँह सूखै आरू लगै तरास,
की सखि साजन?
नहीं, पियास।