231.
पढ़ोॅ, पढ़ैथौं सुनोॅ, सुनैथौं,
तोरेॅ पसन के बात सुनैथौं,
घर-घर रहै छै जैसें बीबी,
की सखि पत्नी?
नैं सखि, टी.भी.।
232.
टकराना, बेकार छै होकरोॅ
जीत भेलै कि हार छै होकरोॅ,
सत्ता कहै छै करकै सोझा,
की सखि ‘मोदी’?
नैं, ‘डी.पी. ओझा’।
233.
खूब लगैलक चौक्का, छक्का,
लेखक छै साहित्य रोॅ पक्का,
जना कलम केरोॅ छै ईश्वर,
की सखि ‘कोहली’?
नैं, ‘कमलेश्वर’।
234.
प्राणवंत इतिहास जें लिखलक,
सांस्कृतिक एहसास जें लिखलक,
पर अतीत के खूब टोह ली,
की सखि ‘थापर’?
नैं, ‘नरेन्द्र कोहली’।
235.
करने छै, गुंजार गाँव में,
आकर्षण छै, जेकर नाँव में,
माटी के रहै कवि अमर,
की सखि ‘अम्बस्ट’?
नैं, ‘सुभाष भ्रमर’।
236.
ढेरे कुछ, हुनको छै करलोॅ,
बनल कोर्स हुनकरे छै धरलोॅ,
छथिन सदा अंगिका के साथ,
की सखि ‘अमरेन्द्र’?
नैं, ‘तपेश्वरनाथ’।
237.
साहित्यिक माहौल रोॅ जमघट,
जैसें कि अंगिका रोॅ पनघट,
कला, काव्य, साहित्य निकुंज,
की सखि ‘बेचन’?
नैं, ‘हरि कुंज’।
238.
संपादन में जोर लगाबै,
बढिया ‘निज बर्त्तनी’ बताबै,
नै लाली नै ऐलै भोर,
की सखि ‘बाबा’?
नहीं, ‘चकोर’।
239.
उर्दू केरोॅ आफताब छै,
ढ़ेरे सन छपलोॅ किताब छै,
छै अंगिका में भी हाजिर,
की सखि ‘उनरैनवी’?
नैं, ‘डॉ. मनाजिर’।
240.
काव्य, गजल आरू नज्म रचैता,
अब किताब के सतक लगैता,
करै अंगिका केरोॅ गान भी,
की सखि ‘बाबा’?
नैं, ‘हरगानवी’।