भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
  काव्य मोती
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

कुँवार मास मैया थपणा थपत है / मालवी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

   ♦   रचनाकार: अज्ञात

कुँवार मास मैया थपणा थपत है
कारतिक खेले गाय हो मैया
कारतिक मास मैया परब दिवाली
अगइन अन-धन होय
पोस तुसरिया, माह भदोरिया
फागुण खेले फाग
चैतेज मास मैया चित् उठ लागे
वैशाखे फूली फूलवास
जैठे जो मास मैया तपना तपत है
आषाढ़ बोले चतुरक मोर
सावण मास मैया रिमझिम बरसे
भादव गेर गम्भीर