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कुछ असंवैधानिक पंक्तियाँ / कुमार अनुपम

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कुछ असंवैधानिक पंक्तियाँ

(दुनिया के एक सर्वहारा का बयान)

हूँ
अनारक्षित हूँ
जबकि बहुसंख्यक हूँ

हूँ हूँ
को क्यों सुनते हो हुआँ हुआँ की तरह?