भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

कुछ पल / किरण मल्होत्रा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

कुछ पल
साथ चले भी
कोई
तो क्या होता है
क़दम-दर-क़दम
रास्ता तो
अपने क़दमों से
तय होता है

कुछ क़दम संग
चलने से फिर
न कोई अपना
न पराया होता
बस, केवल
वे पल जींवत
और
सफ़र सुहाना होता है