फिर बुझ गया लैम्प सिगनल का
हाथी साँप अँधेरा जंगल
बुला रहे हैं दिया जलाओ
मत बैठो यों मौन धरे
दिन होगा तब फिर सोचेंगे
हवा की दवा कौन करे
फिर बुझ गया लैम्प सिगनल का
हाथी साँप अँधेरा जंगल
बुला रहे हैं दिया जलाओ
मत बैठो यों मौन धरे
दिन होगा तब फिर सोचेंगे
हवा की दवा कौन करे