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कैफ़ी / डेविड मेसन

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हर भोजन एक सहभोज है ।
बिन बुलाई आत्माओं के साथ ।
क्या मदिरा का स्वाद
आज भी है उन्हें याद

या खिड़की पर काँपती मोमबत्ती की रोशनी ?
मुझे उन में से कुछ के नाम याद हैं ।
उनकी भूख खोखली है ।
और वे पतंगों की तरह जलती हुई रोशनी के इर्द-गिर्द जमा होते हैं

पर वे बेचारे जल भी नहीं सकते ।
इनकी शागिर्दी और अपनी खुमारी में,
मैं इन सब को एक-एक कर देखता हूँ ।
ग्रीक इसे कैफ़ी कह कर बुलाएँगे,

अवर्णीय, गुरुत्वता से हीन
रात के साथ ये गुफ़्तगू
चाँद, और बिना चाँद के।
ओ, पर सब सब ठीक है ।

यह कैफ़ी है, कॉफी से भाग जाएगी,
या ढेर सारी शराब से
और एक गीत अगर मुझे हो सके याद
तो वह हमें साथ ले जाएगी ।

और अब यही कविता मूल अमरीकी अँग्रेज़ी में पढ़ें।

Kefi

Every meal a communion
The uninvited dead are here.
Do they miss the taste of wine
or the flickering glare

of the candle in the window?
I remember some of their names.
Their appetites are hollow.
They crowd like moths to the flame

but the poor things cannot burn.
Light-headed in this company,
I look at them all in turn.
The Greeks would call this kefi,

ineffable, weightless, tuned
to the conversations of the night
with or without a moon.
O everything’s all right.

It’s kefi-coffee would wreck it,
or too much wine, but a song
if I can remember it
will carry us along.