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कॉलोनी अर मौहल्लौ / गौतम अरोड़ा

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सूनी सडक
तपता भाटां रा बंगला
ए.सी. सूं निकळती गर्म हवा
उण उणसूं बळ मुरझांवता
बंगलै बारळा फूल-पौधा
‘नेम-प्लेट’ आड़ोसी सारू
पाडोसी री ओळखाण,
अठै रो भगवान
मिनख स्यूं अणजाण
अठै सुख-दुख
अखबार में छपयोड़े
‘शोक सन्देस अर बधाई संदेश’
सूं बांटीजै
सिंझ्या रा
थाळी स्यूं बिस्तर तांईं
पुरसीजै बजारू स्वाद
सिंझ्या रा
जगमगावै सड़कां
अर अंधारै में घिरै लोग
अठै घडिया चलै
पण मिनख भाजै बगत सूं आगे।
मिनखां स्यूं मुळकती गळी
छोटा-मोटा जड़योड़ा
कच्चा-पक्का मकान
आडा-टेडा नीम अर पीपळ
चौक में मुळकती ‘तुलछी’
अर हंसता-रमता टाबर
जिकां सारू बगत भी थमै
हर खूणै तैतींस करोड़ देव रमै
आडोस रै जावण सूं
पाडोस में जमतो दही
शर्मा जी रै बाई री सांझी
वर्मा जी रै गाईजै।
अर शोक-सन्देष छपै कोनी
सुणीजै अर सुणाईजै
तीज-तीवार नै
कटोरै सक्कर
री उधार पछै भी
गळी रै एक खूणै सूं दूजै खूणै
पसरै खीर री मठास
सिंझ्या
सजै चातरीया
हौण पसरै मुलक
अर अंतस में उजास
घणौ फरक है श्रीमान्
आपरी कॉलोनी
अर म्हारै मौहल्लै बिच्चै।