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कौसानी के असीम सौन्दर्य में / केशव तिवारी

कौसानी के असीम सौन्दर्य में
डूबा मैं
पहाड़ की चोटियों पर
बादलों ढका चाँद देख रहा हूँ

कपिलेश भोज तुम्हारी बेचैन आँखों में
देखा पहाड़ कहीं बीच-बीच में
आ रहा है बार-बार