भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

क्या क्या नहीं किया मगर उन पर असर नहीं / 'बाकर' मेंहदी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

क्या क्या नहीं किया मगर उन पर असर नहीं
शायद के अपनी सई-ए-जुनूँ कार-गर नहीं

घबरा के चाहते हैं के गर्दिश में हम रहें
मंज़िल कहीं न हो कोई ऐसा सफ़र नहीं

मिल जाए एक रात मोहब्बत की ज़िंदगी
फिर ख़्वाहिश-ए-हयात हमें उम्र भर नहीं

आवारगी में लुत्फ़ ओ अज़ीयत के बावजूद
ऐसा नहीं हवा के फ़िक्र-ए-सहर नहीं