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पर्वत का तुम्हारे गुलाबी रंग अवंतिका
शरीर तुम्हारा हरे रंग से ढँका अवंतिका
खरोंचता हूँ निकलता है गोंद अवंतिका
चाटने देती हो, नशा होता है अवंतिका
हो दर्दनाक गिराती हो पेट अवंतिका
मूल बंगला से अनुवाद : सुलोचना वर्मा
लीजिए, अब मूल बंगला में यही कविता पढ़िए
পপির ফুল
বোঁটায় তোর গোলাপ রঙ অবন্তিকা
শরীরে তোর সবুজ ঢাকা অবন্তিকা
আঁচড় দিই আঠা বেরোয় অবন্তিকা
চাটতে দিস নেশায় পায় অবন্তিকা
টাটিয়ে যাস পেট খসাস অবন্তিকা