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खाजो पेजो मंगत, राज करजो रे भाई / पँवारी

पँवारी लोकगीत   ♦   रचनाकार: अज्ञात

खाजो पेजो मंगत, राज करजो रे भाई
जीवजो रे लाखो बरीस रामा
बिजोड़ो दे रे भाई।।
गाँवज गाँव का सखा बुलाया भाई
मंगत भयो अस्वार रामा
बिजोड़ो दे रे भाई।।
बजन लग्या ओका बजीतर रे भाई
मंगत चल्यो रण जुझ रामा
बिजोड़ो दे रे भाई।।