भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

खालीपन का संगीत / जया झा

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

गाए हैं बहुत ही मैंने, सुख और दुःख के गीत

आओ सुनाऊँ आज खालीपन का भी संगीत।


महसूस की है तुमने रागिनी जो बजती है

जब बाहों में होकर भी मिलता नहीं मीत?


जब सैलाब-सा होता है मन के अंदर कोई पर

मिलती नहीं दो बूंद जिससे धरती जाए रीत।


मुस्कान की जगह आँसू आते आँखों में जब,

जीत कर भी ज़िन्दग़ी में मिलती नहीं जीत।