तितलियाँ
रंग-बिरंगी
सुनहरे परों वाली
दूर देश से आती हैं
खुशी की तरह
तितलियाँ
चूमती हैं पंखुरियाँ
पीती हैं पराग
फूल पूर्णता से खिलखिलाता है जब
छोड़ जाती हैं
खुशी की तरह
बंधती नहीं मोहपाश में
अजीब होती हैं तितलियाँ
जब उदास होता है फूल
पास आ बैठती हैं
बतियाती हैं बहलाती हैं
फिर प्यासा छोड़कर उन्हें
फुर्र हो जाती हैं
खुशी की तरह।