गगरिया नै लीहोॅ गोरी कमरिया जैथौं लची।
एकें तेॅ तोरोॅ बारी उमेरिया
दोसरें पिया विदेशें नौकरिया
तेसरे कमलोॅ के भारोॅ सें लकपक, राखोॅ सँची!
पिया के दरसन फागुनोॅ में होथौं
रंगोॅ-अबीरोॅ सें अंगवा सजैथौं
चानोॅ रं मुखड़ा केॅ बेली-गुलाबोॅ सें दैथौं रची!
सिरसोॅ के फूलोॅ रं तोरोॅ कमरिया
अंधड़ के भारोॅ रं भरलोॅ गगरिया
भमरा के असरा में औढ़ोॅ-निरोतोॅ में रहियोॅ बची।