भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

गढ़वळि हाइकु-2 / धनेश कोठारी

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

1.
बोगठ्या
काळू हो चा गोरु
दोष नि मिटण
त् क्य फैदू।

2.
पळ्नथरा
ढुंगौं पर बि पळ्येक
खुंडा होणान्
विचार।

3.
भग्यान
खै नि जाणनान्
अभागी ब्वन्नु
मैं बि भग्यान होंदू।