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गढ़ रे गुजरात सु देव गणपति आया हो / निमाड़ी

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   ♦   रचनाकार: अज्ञात

गढ़ रे गुजरात सु देव गणपति आया हो
आई नऽ उतर्या ठण्डा वड़ तळऽ
पूछतऽ पूछतऽ गाँव मऽ आया हो नगर मऽ आया हो
भाई हो मोठाजी भाई को घर कहाँ छे?
आमी सामी वहरी नऽ लम्बी पटसाळ हो,
केल जऽ झपकऽ उनका आंगणा मऽ
सीप भरी सीरीखण्ड थाक भरी मोतीड़ा
गणेश बधावण मोटी बैण संचरिया।