भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

गाछ मे पात / जीवकान्त

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

गाछ मे पात
पात मे बसात

पात मे फूल
गाछ झूल-झूल

पात मे छाह
गाछ वाह! वाह!

गाछ मे आम
गमकैए गाम

गाछ मे मेघ
भीजैए खेत

पातमे उछाह
गाछ वाह ! वाह !