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गायन-पाठ-1 / विचिस्लाव कुप्रियानफ़

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आदमी ने ईजाद किया पिंजरा

पंखों से पहले

और अब पिंजरों में गाते हैं पंख

गीत स्वतन्त्र उड़ान का


जबकि पिंजरों के सामने

गाते हैं पंखहीन

पिंजरों के न्याय के गीत


पक्षी और पिंजरा

गा सकते हैं एक साथ

लेकिन उड़ नहीं सकते


उड़ सकते हैं एक साथ

सिर्फ़ पंख और आकाश ही