आय गोदी मेॅ बैठ केॅ गुड़िया
अपनोॅ बात सुनाय रहल छै,
पढै-लिखै के मोॅन छै कतना
हमरा वों समझाय रहल छै |
हमरा तों बस्ता दिलबाय दे,
स्लेट आरु खल्ली तों लाय दे,
हम्मे रोजे इस्कूल जइबै
इस्कूली में नाम लिखाय दे |
कही-कही केॅ इस सब हमरा
मस्ती मेॅ इतराय रहल छै |
आय गोदी मेॅ बैठ केॅ गुड़िया
अपनोॅ बात सुनाय रहल छै,
पढै-लिखै के मोॅन छै कतना
हमरा वों समझाय रहल छै |
कभी कहै छै क,ख,ग, वों,
कभी कहै छै ए,बी,सी,डी,
पढै-लिखै के नाम पे हरदम
गुड़िया हमरोॅ रहै छै रेड़ी |
देख के ओकरोॅ लगन ई तरफ
मोॅन हमरोॅ ललचाय रहल छै |
आय गोदी मेॅ बैठ केॅ गुड़िया
अपनोॅ बात सुनाय रहल छै,
पढै-लिखै के मोॅन छै कतना
हमरा वों समझाय रहल छै |
रचनाकाल - ३० सितम्बर 2007