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गुरिल्ला-वार / पंखुरी सिन्हा

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क्या आपने लड़ी है,
कभी ऐसी कोई लड़ाई
आख़िरी मोर्चे की लड़ाई,
दुश्मन के क़रीब आते,
उसकी पद्चाप सुनते
उसके बेहद क़ीमती,
नफ़ीस बूटों की आवाज़ सुनते,
ये जानते कि कितनी ताक़तवर है उसकी बंदूक,
कितना अचूक उसका निशाना,
लड़ना, एक नितांत अपरिचित जंगल में,
जिसकी लताएँ कँटीली हों,
चट्टानें नुकीली,
बारिश का वेग भयंकर हो,
खड़े हो पाना नामुमकिन,
पेट के बल चलकर,
हाथ और पैर दोनों से चलकर,
चारों से चलकर,
कभी की है आपने कोई लड़ाई ?
अपने से ज्यादा ताक़तवर,
शत्रु को पछाड़ते,
कुनैन की आख़िरी गोली खाकर ?
कभी की है आपने कोई लड़ाई ?