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घरों में यूँ सयानी लड़कियाँ बेचैन रहती हैं / मुनव्वर राना

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घरों में यू सयानी लड़कियाँ बेचैन रहती हैं
कि जैसे साहिलों[1]पर कश्तियाँ[2]बेचैन रहती हैं

शब्दार्थ
  1. किनारों
  2. नावें