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चढ़ेन मुंडेर मुल नटवर न मिला काव करी / बजरंग बिहारी 'बजरू'

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चढ़ेन मुंडेर मुल[1] नटवर[2] न मिला काव करी
भयी अबेर मुल नटवर न मिला काव करी।

रुपैया तीस धरी जेब, रिचार्ज या रासन
पहिलकै ठीक मुल नटवर न मिला काव करी।

जरूरी जौन है हमरे लिए हमसे न कहौ
होत है देर मुल नटवर न मिला काव करी।

माल बेखोट है लेटेस्ट सेट ई एंड्राइड
नयी नवेल मुल नटवर न मिला काव करी।

रहा वादा कि चटनी चाटि कै हम खबर करब
बिसरिगा स्वाद मुल नटवर न मिला काव करी।

शब्दार्थ
  1. लेकिन
  2. नेटवर्क