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चम-चम चमकै भारत मैया / धीरज पंडित

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चम-चम-चमकै, भरत मैया के तस्वीर-भैया
उत्तर मेॅ रखवाली करै छै पर्वत राज हिमाला
दक्षिण मेॅ चरणा केॅ धूथे छै सागर बड़ा उजाला
माथा मुकुट विराजै कश्मीर भैया चम-चम

पूरब में बंगाल बिराजै हरियाली के डेरा
रेगिस्तानी रूप दिखाबै पश्चिम छैल-छबीला
मेरूदण्ड के बीचोॅ में लकीर भैया चम-चम

आयुध ‘अग्नि’ आरू ‘त्रिशूल’ से जग मग हाथ करै छै
‘पृथ्वी’ आरू ‘आकाश’ से झण्डा झर-झर फूल झरै छै
रक्षित घरोॅ घरोॅ से हय जागीर भैया चम-चम

साल पचासवां अइलै अबकी स्वर्ण जयंती मनाबों
देश के खातिर सब ‘नेता’ ‘जन’ आपनोॅ बलि चढ़ाबोॅ
‘धीरज’ तबेॅ बनाबोॅ तकदीर भैया
चम-चम चमकै भारत मैया के तस्वीर भैया