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चलो मनियारपुर, बौंसी थाना मेँहीँ धाम / ब्रजेश दास

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॥मनहर छन्द॥

चलो मनियारपुर, बौंसी थाना मेँहीँ धाम।
जहाँ में बिराजैं बाबा, शाही हो सजनवाँ॥
चारो ओर हरियाली, जंगल-पहाड़ दीखै।
तेहि बीच मेँहीँ धाम, सोभै हो सजनवाँ॥1॥
ध्यान-कक्ष बैठि करि, योग-ध्यान करैं लोगें।
नित दिन सतसंग, होवै हो सजनवाँ॥
मंच बैठि शाही बाबा, ज्ञान-उपदेश करैं।
सुनि-सुनि नर-नारी, रीझैं हो सजनवाँ॥2॥
अमरूद कटहल, आम आदि केरो गाछ।
मन मोहै लोगो केरो, नित हो सजनवाँ॥
सैनिटोरियम यह, मेँहीँ बाबा कहि गेलै।
गावत ‘ब्रजेश दास’, गुण हो सजनवाँ॥3॥