Last modified on 30 मार्च 2017, at 16:40

चाँदनी रात है गुनगुनाओ सनम / चेतन दुबे 'अनिल'

चाँदनी रात है गुनगुनाओ सनम
प्यार - मनुहार के गीत गाओ सनम

जो बनाया गया था बड़े प्यार से
महल सपनों का मत यों ढहाओ सनम

किसलिए इस तरह से हुई हो खफा
जो हुआ सो हुआ पास आओ सनम

गलतियाँ सिर्फ होती हैं इंसान से
माफ कर दो खता भूल जाओ सनम

जानता हूँ कि तुम मुझसे नाराज हो
मेरी झूठी कसम यों न खाओ सनम

इस तरह से न रूठो मेरी जानेजाँ!
हाथ फिर हाथ में अपना लाओ सनम

बिन तुम्हारे न मेरे बढ़ेंगे कदम
छोड़कर यों अकेला न जाओ सनम