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चैन सूं / ओम पुरोहित कागद

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रूंख खेत रा
उण छांग दिया
बणा लियौ अड़वो
रोप दियौ
सूंऐ बिचाळै
चिड़कल्यां नै
डरावण मिस।

चिड़कल्यां देख्यौ पड़तख
अर दूजै ई दिन
बां बणाया आळणां
अड़वै री बाजू में
खूंजा में
दिया इंडा
चैन सूं।