भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए
लोक संगीत
कविता कोश विशेष क्यों है?
कविता कोश परिवार

छुरा पुठियुनि में / श्रीकान्त 'सदफ़'

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

छुरा पुठियुनि में लथल ई सूंहंदा आहिनि
हा, तसव्वुर जी पैदाइश हुआ
उहे छुरा, जेके
पंहिंजी पुठीअ में लथल ॾेखारियमि
शाइरीअ जे ज़रीए
पर, तो त हद करे छॾी
छुरा त ठहियो
तुंहिंजी त पुठी बि तसव्वुर कयल हुई!