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छूना उसे / गगन गिल

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छूना उसे

उतना भी नहीं


जितना छूते हैं

उसे


हवा

सूर्य

उड़ते आते रज-कण


छूना उसे
असंभव के
व्योम में


जहाँ हो
उसका
केवल
ईश्वर


अनुपस्थित