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जब युद्ध से छलनी हो गया मेरा सीना / सिनान अन्तून

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एक ब्रुश उठाया मैंने
मौत में डुबोया हुआ
और एक खिड़की बना दी
युद्ध की दीवार पर।

मैंने खोला इसे
किसी चीज़ की
तलाश में।

मगर
देखा
एक और युद्ध
एक और माँ
जो कफ़न बुन रही थी

उस मृतक के लिए
जो अभी पेट में ही था...

(बग़दाद - 1990)

अँग्रेज़ी से अनुवाद : मनोज पटेल

आइए, अब यह कविता अग्रेज़ी में पढ़ें

when i was torn by war

i took a brush
immersed in death
and drew a window
on war’s wall
i opened it
searching for
something
But
i saw another war
and a mother
weaving a shroud
for the dead man
still in her womb