भारत की संस्कृति के लिए... भाषा की उन्नति के लिए... साहित्य के प्रसार के लिए

जवाब / ओरहान वेली

Kavita Kosh से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

तुम बात करते हो
भूख की
कम्युनिस्ट हो तुम

जाओ
जाकर बिल्डिंगों को जलाओ
इस्तमबूल में
अंकारा में

कैसे सूअर हो तुम !

अँग्रेज़ी से अनुवाद : अनिल जनविजय