रात भर मैं
करती रही ज़ख्मों का अनुवाद
रातभर घाव
बूंद-बूंद रिसते रहे
कुछ शब्द जो झुलस गए थे लकीरों से
रातभर अपना अर्थ
तलाशते रहे
रात भर मैं
करती रही ज़ख्मों का अनुवाद
रातभर घाव
बूंद-बूंद रिसते रहे
कुछ शब्द जो झुलस गए थे लकीरों से
रातभर अपना अर्थ
तलाशते रहे